उम्र हो चली है

उम्र हो चली है शायद, आँखे धुँधलाने लगे हैं, तुम्हारे फोटो फ्रेम को पकड़े, जब भी अतीत में झाँकता हूँ, लगता है कि जिन्दगी का सिरा कहीं छूट गया हो । वो सिरा, वो धागा, जिसमे पिरोया था एक रिश्ता, बिना गिरह का, कच्चा तागा, जिसको खिंच-खिंच के हमने बना ली चादर, जब चाहा बिछाया-ओढ़ा, … Read more

गायत्री मंत्र

कुछ अजीब सा वाकया हुआ । ठमेल जाना कभी भी बहुत पसंद नही आया मुझको । हालांकि मेरे ज्यादातर दोस्त इस बात से इत्तफाक ना रखें, क्यूंकि अमूमन मेरे दोस्त मुझे अक्सर यहीं मिला करते हैं । फिर भी ये कहना जरुरी समझता हूँ, ये जगह मुझे कुछ खास आकर्षित नहीं करती, खासकर पिछले कुछ … Read more

ख्वाब…

ख्वाब आते हैं और जगाते हैं अधखुली नींद और बन्द सी पलकों के भीतर से दिखता है कि जैसे आप का साया, आप की परछाई बगल में बैठा सहला रहा हो मेरे बिगड़े हुए बालों को कंघी की तरह उसमे आइ सिलवटों को एक सीध में करते जैसे अब मेरी मासूमियत ढूंढ रहा हो कंघी … Read more

छोड़ दिया खत लिखना

छोड़ दिया खत लिखना डाक्टर बोलता है : खून कम है बदन में… उसे क्या मालूम दिल सिर्फ पम्प नहीं है न धड़कन, घड़ी की टिक टिक…   अरे नादान… नब्ज पकड़ के कहीं, दर्द दिखता है भला जब तक जज्ब ना पकड़ा, तुम मर्ज क्या जानो…   खून का कम होना, क्या लाजमी नहीं … Read more

Messi and Ronaldo on a microbus

What’re the odds of you getting into a public transport and finding someone wearing exactly the same clothes that you are? That too in a microbus of Kathmandu? Not much! However, the chances increase during the World Cup. And so it happened. Yours truly got in a microbus – a public transport vehicle that is … Read more

Everyday road nightmares

If you’re asked, What is the densest material on earth, what would be your answer? Most having an inclination towards Science would be tempted to say: Chengdeite (a naturally occurring mineral, a combination of iridium and iron.) That’s exactly where yours truly doesn’t like to go with those who believe in science and science only. … Read more

The Squash Factory

Hira Bahadur Thapa has been defeated. The single person dominance in squash, for two decades, has ended. Depending upon whether you like the sport or not, you could take it negatively or positively.

And his nemesis this time, taking away the title of national champion, was his own son, his protégé, Amrit Thapa. Amrit won the NSRA National Squash Championship  beating his father 3-11, 12-10, 11-4, 11-7. The coach – the bronze medalist from 9th South Asian Games – fell to the power of his student, his understudy. Hira might have lost a bit of shine himself, but title remains in the family.

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